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Shankhpushpi (Convolvulus pluricaulis)

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शंखपुष्पी (Shankhpushpi)

1. सामान्य परिचय

हिंदी नाम: शंखपुष्पी, शंखावली
संस्कृत नाम: शंखपुष्पी, मङ्गल्यकुसुमा, विष्णुक्रान्ता
अंग्रेज़ी नाम: Shankhpushpi, Dwarf Morning Glory
वानस्पतिक नाम: Convolvulus pluricaulis Choisy
कुल (Family): Convolvulaceae

शंखपुष्पी आयुर्वेद की प्रसिद्ध मेध्य रसायन (Medhya Rasayana) औषधियों में से एक है। पारंपरिक रूप से इसका उपयोग बुद्धि, स्मरण शक्ति, एकाग्रता, मानसिक शांति एवं नींद से संबंधित योगों में किया जाता है।

आयुर्वेदिक ग्रंथों में शंखपुष्पी को विशेष रूप से मेध्य (बुद्धि एवं मानसिक कार्यों का समर्थन करने वाली), रसायन, निद्राजनन एवं वात-पित्त शामक द्रव्य के रूप में वर्णित किया गया है।

इसके पूरे पौधे का उपयोग औषधीय प्रयोजनों में किया जाता है और इसमें flavonoids, alkaloids, glycosides एवं अन्य phytochemicals पाए जाते हैं।

2. अन्य प्रचलित नाम

भाषा नाम
संस्कृत शंखपुष्पी, शंखावली
हिंदी शंखपुष्पी
अंग्रेज़ी Dwarf Morning Glory
मराठी शंखपुष्पी
गुजराती શંખપુષ્પી
बंगाली শঙ্খপুষ্পী
तमिल சங்குப்பூ
तेलुगु శంఖపుష్పి
कन्नड़ ಶಂಖಪುಷ್ಪಿ
मलयालम ശംഖപുഷ്പി

3. पौधे का परिचय

Convolvulus pluricaulis एक छोटी, भूमि पर फैलने वाली या हल्की आरोही बहुवर्षीय/शाकीय वनस्पति है।

इसकी—

  • शाखाएँ पतली एवं फैलने वाली होती हैं।
  • पत्तियाँ छोटी और संकरी होती हैं।
  • फूल सामान्यतः शंख या funnel जैसी आकृति के होते हैं।
  • फूलों का रंग सफेद, हल्का नीला या बैंगनी हो सकता है।

इसके शंख जैसी आकृति वाले फूलों के कारण इसे शंखपुष्पी कहा जाता है।

4. प्राकृतिक वितरण एवं खेती

शंखपुष्पी भारत के विभिन्न भागों में पाई जाती है।

  • भारत: राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य भारत, गुजरात एवं अन्य शुष्क/अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में
  • आवास: खुले मैदान, घासभूमि एवं शुष्क क्षेत्रों में
  • जलवायु: गर्म एवं शुष्क से अर्ध-शुष्क
  • मिट्टी: हल्की, अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी
  • प्रकाश: पर्याप्त सूर्यप्रकाश

5. उपयोगी भाग (Parts Used)

मुख्य उपयोगी भाग

  • सम्पूर्ण पौधा (Whole Plant)

पत्तियाँ, तना, जड़ एवं फूल सहित पूरे पौधे का उपयोग पारंपरिक औषधीय तैयारियों में किया जाता है।

Botanical authentication महत्वपूर्ण है, क्योंकि बाजार में “शंखपुष्पी” नाम से कई अलग-अलग वनस्पतियों की बिक्री होती है।

6. प्रमुख रासायनिक घटक (Active Constituents)

Convolvulus pluricaulis में विभिन्न phytochemicals पाए गए हैं, जिनमें—

  • Flavonoids
  • Alkaloids
  • Glycosides
  • Coumarins
  • Phenolic Compounds
  • Tannins
  • Sterols
  • अन्य secondary metabolites

शामिल हैं।

इनमें से कुछ compounds को इसके antioxidant एवं neuroactive संभावित प्रभावों से जोड़ा गया है।

7. आयुर्वेदिक गुणधर्म

गुणधर्म विवरण
रस तिक्त, कषाय
गुण लघु, स्निग्ध
वीर्य शीत
विपाक मधुर
दोष प्रभाव वात एवं पित्त शामक

8. पारंपरिक आयुर्वेदिक उपयोग

आयुर्वेद में शंखपुष्पी का उपयोग पारंपरिक रूप से—

  • मेध्य रसायन के रूप में
  • स्मरण एवं एकाग्रता संबंधी योगों में
  • मानसिक तनाव एवं चंचलता से जुड़े पारंपरिक योगों में
  • निद्रा एवं मन की शांति के लिए
  • वात-पित्त संतुलन के लिए
  • बुद्धि एवं मानसिक कार्यों के समर्थन हेतु
  • रसायन एवं restorative formulations में

किया जाता है।

9. संभावित स्वास्थ्य लाभ

1. स्मरण शक्ति एवं एकाग्रता

शंखपुष्पी को आयुर्वेद में प्रमुख मेध्य औषधि माना जाता है। पारंपरिक रूप से इसका उपयोग स्मरण, learning एवं concentration support से जुड़े योगों में किया जाता है।

2. मानसिक शांति

शंखपुष्पी का उपयोग पारंपरिक रूप से मन को शांत करने एवं मानसिक तनाव से संबंधित योगों में किया जाता है।

3. नींद का समर्थन

इसके शांतिदायक (calming) संभावित प्रभावों के कारण इसे पारंपरिक रूप से sleep-support formulations में शामिल किया जाता है।

4. एंटीऑक्सीडेंट गतिविधि

इसमें पाए जाने वाले flavonoids एवं phenolic compounds antioxidant activity प्रदर्शित कर सकते हैं।

5. Neuroprotective Potential

प्रयोगशाला एवं पशु-अध्ययनों में Convolvulus pluricaulis के विभिन्न extracts के neuroprotective एवं cognition-related effects का अध्ययन किया गया है।

महत्वपूर्ण: इन प्रभावों के लिए मानवों में उपलब्ध वैज्ञानिक प्रमाण अभी सीमित हैं। इसे किसी neurological या मानसिक रोग की प्रमाणित दवा नहीं माना जाना चाहिए।

10. आधुनिक वैज्ञानिक अध्ययन

Convolvulus pluricaulis पर विभिन्न experimental studies में निम्न संभावित गतिविधियों का अध्ययन किया गया है—

  • Cognitive Enhancement Potential
  • Neuroprotective Activity
  • Antioxidant Activity
  • Anxiolytic Potential
  • Antidepressant-like Activity
  • Anti-inflammatory Potential
  • Memory-related Activity

मानव clinical studies की संख्या एवं गुणवत्ता अभी सीमित है, इसलिए निश्चित चिकित्सकीय दावे करना उचित नहीं है।

11. उपयोग की विधियाँ

शंखपुष्पी का पारंपरिक उपयोग निम्न रूपों में किया जाता है—

  • शंखपुष्पी चूर्ण
  • शंखपुष्पी स्वरस
  • शंखपुष्पी अर्क
  • शंखपुष्पी सिरप
  • मेध्य रसायन योग
  • बहु-हर्बल formulations
  • मानसिक एवं cognitive wellness preparations

शंखपुष्पी चूर्ण

सूखे authenticated पूरे पौधे को स्वच्छ करके सुखाया जाता है और फिर महीन चूर्ण बनाया जाता है।

12. सामान्य मात्रा

शंखपुष्पी चूर्ण की सामान्य वयस्क मात्रा प्रचलित formulations में लगभग 3–6 ग्राम प्रतिदिन तक हो सकती है, लेकिन वास्तविक मात्रा व्यक्ति की आयु, स्वास्थ्य स्थिति और formulation के अनुसार निर्धारित की जानी चाहिए।

Extract/Syrup: निर्माता द्वारा निर्धारित standardized dose या चिकित्सकीय सलाह के अनुसार।

बच्चों के लिए मात्रा स्वयं निर्धारित न करें।

13. सावधानियाँ

  • अत्यधिक मात्रा में सेवन न करें।
  • गर्भावस्था एवं स्तनपान के दौरान उपयोग से पहले चिकित्सकीय सलाह लें।
  • यदि sedative, sleep medicines या अन्य CNS-active दवाएँ चल रही हों, तो चिकित्सक से परामर्श करें।
  • निम्न रक्तचाप की समस्या वाले व्यक्ति सावधानी रखें।
  • बच्चों में उपयोग qualified practitioner की सलाह से करें।
  • लंबे समय तक लगातार उपयोग चिकित्सकीय निगरानी में करना बेहतर है।
  • सही botanical species की पहचान आवश्यक है।

14. Botanical Authentication की विशेष आवश्यकता

शंखपुष्पी नाम से बाजार में अलग-अलग पौधे उपलब्ध हो सकते हैं। विशेष रूप से Convolvulus pluricaulis, Evolvulus alsinoides एवं Clitoria ternatea को विभिन्न क्षेत्रों/उत्पादों में शंखपुष्पी या संबंधित नामों से जोड़ा गया है।

इसलिए commercial herbal raw material खरीदते समय—

  • Botanical identification
  • Macroscopic एवं microscopic examination
  • सही plant part
  • Moisture
  • Foreign matter
  • Microbial load
  • Heavy metals
  • Pesticide residues

की गुणवत्ता जाँच उपयोगी है।

15. भंडारण

  • सूखे raw material को नमी से बचाएँ।
  • एयरटाइट कंटेनर में रखें।
  • सीधी धूप एवं अत्यधिक गर्मी से बचाएँ।
  • फफूंद एवं कीट संक्रमण से सुरक्षित रखें।
  • चूर्ण को सूखी एवं स्वच्छ जगह पर रखें।

16. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

शंखपुष्पी का Botanical Name क्या है?

इस लेख में वर्णित शंखपुष्पी का वैज्ञानिक नाम Convolvulus pluricaulis Choisy है।

शंखपुष्पी का कौन-सा भाग उपयोग किया जाता है?

मुख्यतः सम्पूर्ण पौधे (Whole Plant) का उपयोग किया जाता है।

शंखपुष्पी का आयुर्वेद में मुख्य उपयोग क्या है?

इसका प्रमुख पारंपरिक उपयोग मेध्य रसायन, स्मरण एवं एकाग्रता, मानसिक शांति तथा निद्रा-संबंधी योगों में किया जाता है।

क्या शंखपुष्पी स्मरण शक्ति बढ़ाती है?

आयुर्वेद में इसे मेध्य औषधि माना जाता है और cognitive support के लिए इसका पारंपरिक उपयोग है। आधुनिक शोध में भी संभावित cognitive effects का अध्ययन हुआ है, लेकिन इसे निश्चित चिकित्सकीय दावा नहीं माना जा सकता।

क्या बाजार की हर शंखपुष्पी Convolvulus pluricaulis होती है?

नहीं। “शंखपुष्पी” नाम कई क्षेत्रों में अलग-अलग वनस्पतियों के लिए इस्तेमाल हो सकता है। इसलिए botanical authentication बहुत महत्वपूर्ण है।

17. SEO Meta Title

शंखपुष्पी (Convolvulus pluricaulis) – फायदे, उपयोग, गुण एवं Botanical Name

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शंखपुष्पी (Convolvulus pluricaulis) की संपूर्ण जानकारी, आयुर्वेदिक गुण, मेध्य उपयोग, स्मरण एवं एकाग्रता में पारंपरिक उपयोग, सक्रिय घटक, मात्रा एवं सावधानियाँ।

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अस्वीकरण (Disclaimer)

यह जानकारी आयुर्वेदिक परंपरा एवं उपलब्ध वैज्ञानिक अध्ययनों के आधार पर केवल शैक्षणिक एवं सामान्य जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। यह किसी मानसिक, neurological या अन्य रोग के निदान, उपचार या रोकथाम का विकल्प नहीं है। गर्भावस्था, स्तनपान, बच्चों या नियमित दवाओं के उपयोग की स्थिति में शंखपुष्पी का सेवन योग्य चिकित्सक की सलाह से करें। औषधीय raw material के लिए सही botanical identification एवं quality testing सुनिश्चित करना आवश्यक है।

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