हिंदी नाम: सरसों
संस्कृत नाम: सिद्धार्थक, राजिका
अंग्रेज़ी नाम: Indian Mustard, Brown Mustard
वानस्पतिक नाम: Brassica juncea (L.) Czern.
कुल (Family): Brassicaceae (Cruciferae)
उपयोगी भाग: बीज (Seed), तेल (Seed Oil), पत्तियाँ (Leaves)
सरसों (Brassica juncea) भारत की एक प्रमुख तिलहनी एवं मसालेदार फसल है। इसके बीजों से खाद्य तेल निकाला जाता है और बीजों का उपयोग मसाले, अचार, सॉस तथा पारंपरिक herbal preparations में भी किया जाता है।
सरसों के बीजों में glucosinolates पाए जाते हैं। बीज को पीसने या पानी के संपर्क में लाने पर myrosinase enzyme की क्रिया से isothiocyanates जैसे pungent compounds बन सकते हैं। इसी कारण सरसों का स्वाद तीखा और विशिष्ट होता है।
आयुर्वेद में सरसों को राजिका/सिद्धार्थक आदि नामों से जाना जाता है और इसके बीज एवं तेल का पारंपरिक उपयोग मुख्यतः कफ-वात संबंधी उपयोग, बाह्य अभ्यंग एवं कुछ पाचन formulations में मिलता है।
| भाषा | नाम |
|---|---|
| संस्कृत | राजिका, सिद्धार्थक |
| हिंदी | सरसों |
| अंग्रेज़ी | Indian Mustard, Brown Mustard |
| मराठी | मोहरी |
| गुजराती | રાઈ |
| बंगाली | সরিষা |
| तमिल | கடுகு |
| तेलुगु | ఆవాలు |
| कन्नड़ | ಸಾಸಿವೆ |
| मलयालम | കടുക് |
| पंजाबी | ਸਰ੍ਹੋਂ |
सरसों के बीजों में—
पाए जाते हैं।
कुछ mustard glucosinolates से enzymatic hydrolysis के बाद allyl isothiocyanate (AITC) जैसे pungent compounds बन सकते हैं।
यही compounds सरसों की विशिष्ट तीक्ष्णता और pungent aroma में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
Mustard oil की fatty acid profile cultivar, processing method एवं geographical origin के अनुसार बदल सकती है।
परंपरागत आयुर्वेदिक दृष्टि से सरसों को—
| गुणधर्म | विवरण |
| रस | कटु, तिक्त |
| गुण | तीक्ष्ण, लघु, उष्ण |
| वीर्य | उष्ण |
| विपाक | कटु |
| दोष प्रभाव | मुख्यतः कफ-वात शामक; अधिकता में पित्त बढ़ा सकती है |
माना जाता है।
सरसों को विशेष रूप से तीक्ष्ण, उष्ण एवं कफ-वातहर द्रव्य के रूप में पारंपरिक महत्व प्राप्त है।
सरसों के बीज एवं तेल का पारंपरिक उपयोग—
किया जाता रहा है।
Mustard seeds में phenolic compounds, tocopherols एवं अन्य phytochemicals पाए जाते हैं जिनमें antioxidant activity का अध्ययन किया गया है।
Mustard-derived isothiocyanates में कुछ microorganisms के विरुद्ध antimicrobial activity laboratory studies में देखी गई है।
सरसों के बीज का culinary एवं traditional use appetite एवं digestion support से जुड़ा रहा है। हालांकि medicinal claims के लिए clinical evidence सीमित है।
Mustard seed oil में unsaturated fatty acids तथा अन्य bioactive compounds पाए जा सकते हैं। लेकिन cardiovascular effect oil की fatty-acid composition, processing और कुल dietary pattern पर निर्भर करता है।
Mustard-derived phytochemicals एवं isothiocyanates की inflammatory pathways पर संभावित activity का experimental research में अध्ययन किया गया है।
सरसों के बीजों से निकाला गया तेल भारतीय भोजन एवं पारंपरिक जीवनशैली में लंबे समय से उपयोग होता है।
इसमें fatty acids की composition में—
जैसे fatty acids की मात्रा cultivar एवं processing के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
सरसों के तेल में erucic acid की मात्रा विशेष रूप से ध्यान देने योग्य quality parameter है। इसलिए खाद्य उपयोग के लिए स्थानीय food regulations एवं applicable standards के अनुरूप उत्पाद का उपयोग करना चाहिए।
Brassica juncea एवं mustard-derived compounds पर research में निम्न संभावित activities का अध्ययन किया गया है—
इनमें से कई findings laboratory या animal studies से प्राप्त हुई हैं। इन्हें मानव रोगों के उपचार संबंधी definitive claims के रूप में प्रस्तुत नहीं करना चाहिए।
व्यवहार में “सरसों” और “राई” शब्द कई भारतीय भाषाई क्षेत्रों में अलग-अलग Brassica species/cultivars के लिए उपयोग होते हैं।
Brassica juncea को सामान्यतः Indian mustard/Brown mustard कहा जाता है, जबकि Brassica nigra को Black mustard कहा जाता है।
इसलिए herbal raw material की खरीद एवं वेबसाइट listing में पूरा botanical name देना सबसे सही तरीका है।
भारतीय सरसों का प्रमुख botanical name Brassica juncea (L.) Czern. है।
मुख्यतः बीज उपयोग किए जाते हैं। इसके अतिरिक्त बीजों से निकला तेल और पत्तियाँ भी उपयोगी हैं।
Glucosinolates, विशेष रूप से sinigrin, तथा उनसे बनने वाले isothiocyanates प्रमुख bioactive compounds में शामिल हैं।
इसका उपयोग मुख्यतः cooking, food preparation एवं पारंपरिक external massage में किया जाता है।
पारंपरिक रूप से mustard oil का scalp massage में उपयोग होता है। लेकिन कुछ लोगों में irritation हो सकती है, इसलिए sensitive scalp/skin में सावधानी रखें।
सरसों का पारंपरिक उपयोग appetite एवं digestion support में मिलता है, लेकिन medicinal claims के लिए clinical evidence सीमित है।
हाँ। Mustard एक recognized food allergen है और संवेदनशील व्यक्तियों में गंभीर allergic reaction भी हो सकता है।
सरसों (Brassica juncea) – फायदे, उपयोग, Mustard Oil, गुण एवं सावधानियाँ
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यह जानकारी आयुर्वेदिक परंपरा एवं उपलब्ध वैज्ञानिक अध्ययनों के आधार पर केवल शैक्षणिक एवं सामान्य जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। यह किसी रोग के निदान, उपचार या रोकथाम का विकल्प नहीं है। सामान्य खाद्य मात्रा और concentrated mustard extracts/essential preparations को एक समान नहीं माना जाना चाहिए। Mustard allergy वाले व्यक्तियों को विशेष सावधानी रखनी चाहिए। गर्भावस्था, स्तनपान या किसी स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में medicinal/high-dose सरसों preparations का उपयोग योग्य चिकित्सक की सलाह से करें।